दैनिक 'आज का आनंद' माननीय संपादक म्हेत्रे मॅडम *रिद्धी सिद्धी और आत्मिक सुख को सुलभ करने वाला विश्वशांती महामंत्र - नवकार मंत्र* भक्ती का मूल रूप स्तवन है l वह उसका आरंभिक और शाश्वत रूप है l नवकार महामंत्र ये वेश्विक कल्याणकारी शक्ती से युक्त मंत्र हैl जैन समाज मे अनादिकाल से जिस मंत्र का प्रारंभ हुआ जो पापो को नष्ट करता है और शाश्वत मंत्र केहलाता है l भगवती सूत्र कल्प सूत्र आवश्यक सूत्र चंद्र प्रज्ञाप्ती सूत्र सूर्य प्रज्ञाप्ती सूत्र जम्मू दीप प्रज्ञाप्ती सूत्र इन शास्त्र से ये मंत्र लिया गया है नमस्कार मंत्र मे पाच पद को नमस्कार किया गया है और ये नमस्कार अहंकार हटाने के लिए जरुरी होता है l काया से झुकना वचन से नमस्कार बोलना और मनसे अभिमान हटाना ये तीन योगो का समिलन नमस्कार मंत्र मे होता है , 5 पद की सम्यक दृष्टी रहने वाला ये महामंत्र अरिहंत , सिद्ध ,आचार्य, उपाध्याय ,साधू l जिसमे अरिहंत और सिद्ध ये दो पद देव के कहलाते है और आचार्य, उपाध्याय और साधू ये पद गुरू के कहलाते है l पाचो पदो म...