आजचे चिंतन**व्यक्तिमत्वाचे*🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷*आदरणीय डॉक्टर संजयजी, सुषमाजी चोरडिया,
*आजचे चिंतन*
*व्यक्तिमत्वाचे*
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*आदरणीय डॉक्टर संजयजी, सुषमाजी चोरडिया, सिद्धार्थजी व स्नेहलजी नवलाखा आपको प्रोफेसर सुरेखा कटारिया का जय जिनेन्द्र...!*
*सात फरवरी 2026 सूर्य दत्त इन्स्टिट्यूट का 28 वा वर्धापन दिन आपले माता पिता प्रति* *समर्पित भाव और उस भाव को संजोगने हेतू आपने किया हुआ सूर्य दत्त लाइफ अचीवमेंट अवॉर्ड बहुत ही महत्वपूर्ण रहा।*
आज तक सो मेनी अवॉर्ड मिले लेकिन माता पिता की प्रति आपका प्यार,आपका अपनापन, आपके ऋणनिर्देश के भाव समाज को एक अनोखा आदर्श रखने वाला राहा ।
संजयभाई, आप जो भी काम कर रहे है। ये काम साधा सिधा नही है।
जहा आपण आपण होता है। वहा हर्ष बताने के लिए हंसी की जरुरत नही होती। दुःख बताने के लिए अश्रू की जरूरत नही होती। ये सारा कृती न करते हुए समझ लेते है। ओ सच्ची मित्रता होती है। संजय भाई...!आप जो काम कर रहे हो भगवान महावीर स्वामी ने बताया हुआ मानवता का धर्म आपने आप कर्मो द्वारा कर रहे हो।
बढीया सुंदर बौद्धिकतासे सजाया हुआ 7 फरवरी का इव्हेंट नही था। तो समाजप्रती समाज मे तन मन धन से समर्पितो के काम करने वाले आदर्श के प्रति आपके उच्च भाव प्रेषित हो रहे थे ।
*निस्वार्थ प्यार करने वाला, कर्म करने वाले आपका सारा परिवार हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।*
समाज मे काम करने वाले लोगो का आपने जो चयन किया है । आपके आखो के आईने का कॅमेरा बहुत ही जबरदस्त है। समाज मे अच्छे काम करने वालों को प्यार करना, प्यार जताना और उनको प्रेरित करना पुरस्कृत करना और भी काम करने के लिए प्रवृत्त करना ये राष्ट्र उभारणी का कार्य आपका सारा परिवार कर रहा है।
खुद के लिए तो कोई भी जीता है । लेकिन औरो के लिये जिना यही तो जीना है।
*आपके परिवार की और देखा जैसे की ये जीम्मा आपने आपके खंदो पे ले लिया है। ना थकान ना चिडचिडाहट सारा कैसा बडे शांती से प्यार से आखो की इशारे से कार्य कर रहे थे। ये देख के हमे महात्मा गांधीजी की याद आ गई।*
*आदरणीय सुषमा भाभी आपका हसमुख चेहरा आत्मविश्वास देखकर समाज मे ऐसी महिलाए समाज उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है। प्यारी स्नेहल, सिद्धार्थ आपका भविष्य उज्वल है। क्योंकि मराठी मे कहा जाता है *गोड बीजा पोटी फळे रसाळ गोमटी*
आपके बारे में हमारी बिटिया कीर्तनकार डॉक्टर श्वेताने बहुत कुछ कहा है। बताया है। और हमने खुद के आखो से देखा है ।आपके नीजी जीवन को देखते हुए ऐसा लगता है हैसियत का परिचय सबने तब देना जब खुद का आत्मसन्मान संभाल सके। अन्यथा आपका सादगीभरा जीवन ही बडा परिचय होता है ।
आपका साथी भरा जीवन फुलो की तरह निखर रहा है। और खुशबू की तरह बिखर रहा है।
प्रतिकूल परिस्थिती मे आपका इस मुक्काम तक पोहुचना आपकी मेहनत फल है।
वक्त और नशीब दोनो परिवर्तनशील रहता है ये आपको अच्छी तरह पता है। इसलिये आप हर एक स्थिती मे स्थिर रहके कार्य कर रहे हो। ये अगली पिढी के लिए, सभी विद्यार्थीयों के लिए आपका जीवन जीने का तरीका सबके लिए आदर्श है।
अध्यापक स्टाफ, छात्र ,समाज के हर क्षेत्र के उच्चतम पद पर पहुंचे।
मनुष्यघडण हेतू काम करने वाले सभी चुने गिने अतिथी गण पुरस्कार्थी सभीकीओर से प्रोफेसर सुरेखा प्रकाशजी कटारिया आपका हार्दिक हार्दिक अभिनंदन करते हुए ऋणनिर्देश व्यक्त करते है।