युद्ध में स्थिति में विश्व शांति मंत्र महामंत्र जाप*

दैनिक आज का आनंद माननीय संपादक महेतरे मैडम

*युद्ध में स्थिति में विश्व शांति मंत्र महामंत्र जाप* 

विश्व शांति मंत्र महानवकार मंत्र इस मंत्र से,इसके चिंतन करने से,मनन करने से, मन की नकारात्मकता, तनाव,चिंता दूर होकर शांति मिलती है। यह ध्यान में रखते हुए, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने वाली जीतो Jain international Trade organisation संस्था इन्होंने बड़े ही सूझबूझ के साथ यह नवकार महामंत्र का जप पूरे विश्व शांति के लिए 9 अप्रैल को सुबह 7:30 बजे  रखा है          अभी की जो युद्धमय स्थित है। उसको शांति दिलाने हेतु, युद्ध युद्ध बंद करने हेतु, विचारों में परिवर्तन करने हेतु यह विश्व शांति का मंत्र इसका जप पूरे विश्व में सामूहिक रूप में  बड़े ढंग से श्रद्धा भाव से करने का नियोजन 9 अप्रैल को करने का तय किया है। पिछले 2025 साल में इसकी शुरुआत पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी के उपस्थिति में बड़े ही आध्यात्मिक वातावरण में हुआ l
 सभी संस्थाएं, सभी संप्रदाय के महानुभवी, धर्म अनुरागी, सभी पंथ के लोग इस नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप में सम्मिलित होकर   हो रहा है ऊस युद्ध के घने बादल दूर हटाने हेतु महत्वपूर्ण है।
नवकार महामंत्र का उद्देश्य और इसका महत्व आत्मशुद्धि और शांति प्रदान करना और मिलाना हैं।
 इस विश्व मंत्र जप से सदैव अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है । इसमे गुनो की पूजा की जाती है। हरएक के गुनो की पूजा करना  और आत्मा विकसित होकर मोक्ष मार्गदर्शक की ओर चलने के लिए यह नवकार महामंत्र है।
नमो अरिहंताणं याने अरिहंत को नमस्कार, अरिहंत कौन है? तो जिन्होंने अपने अंतरिक शत्रुओं को क्रोध, मान, माया, लोभ  इनको जीत के केवल ज्ञान की प्राप्ति कर ली है। ऐसे अरिहंत को नमन। फिर वह कौन से ही धर्म के रहे ,कौन से ही पंथ के रहे, जिन्होंने राग द्वेष पर विजय प्राप्त किया है  ऐसी आत्मा  को नमन..!
इस तरह सिद्ध भगवान को नमन करते हुए जो कर्मों से मुक्त होकर मोक्ष मार्ग पर चले गए वहां स्थित है, ऐसे सिद्ध भगवान को नमन वंदन ,करने का यह  नवकार महामंत्र है।
इस तरह नमो आयरियाणाम जगत में जितने आचार्य है। उनको नमन...। जो संघ को समाज को मार्गदर्शन और आत्मज्ञान में लीन होने के लिए प्रयुक्त करते हैं और खुद ही उसे मार्ग पर चलते हैं ,ऐसे आचार्य को नमन इस तीसरे पद में किया जाता है ।
नमो उव्वझायाणं याने  जो अगमशास्त्र ,ग्रंथ  का अध्ययन अध्यापन करते हैं ।उनको उपाध्याय कहा जाता है।  उपाध्याय को भी हम नमन करते हैं।
नमो  लोए  सव्वसाहूणं याने  ब्रह्मांड में जितने साधु है ,साध्वी को नमन  जो मोक्ष मार्ग पर चल रहे हैं ।उनका वंदन यह ऐसा नवकर महामंत्र है।
नवकार महामंत्र यह जैन धर्म का सर्वोच्च और अनादि काल से आया हुआ मूल मंत्र है। जो अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु याने पंच  पंच परमीष्टी को नमन  है ।यह मंत्र आत्मा की शुद्धि ,मानसिक शांति, नकारात्मकता दूर करके और मोक्ष प्राप्ति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है । यह किसी व्यक्ति का विशेष नहीं बल्कि आध्यात्मिक अवस्थाओं की वंदना है। *जीतो के पुणे  चाप्टर  के अध्यक्ष सम्माननीय राजेश जी सांखला   एवं सभी ट्रस्टी को  भी बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं*।  विश्व मंत्र में विश्व शांति के लिए सभी जन 9 तारीख को अपने-अपने शहर में स्थित होकर जो लिंक दी है। उस  लिंक को ज्वाइन होकर आप इस सामूहिक विश्व शांति के जप में सम्मिलित होकर पुण्य कर्म का संचय करें।  शुभनाकामना के साथ में प्रोफेसर सुरेखा कटारिया  
 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष- ऑल इंडिया जैन कॉन्फ्रेंस राष्ट्रीय महिला शाखा, 
 राष्ट्रीय महामंत्री- ऑल इंडिया कटारिया फाउंडेशन राष्ट्रीय महिला महामंत्री
स्वानद महिला संस्था पिंपरी चिंचवड की ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं के साथ हार्दिक बधाई  देता हूं।
प्राध्यापिका सुरेखा प्रकाश कटारिया चिंचवड़ पुणे 33

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