सहजता, सरलता की साकार मूर्ती प्रवर्तक परमपूज्य कुंदनऋषीजी म. सा.*
*सहजता, सरलता की साकार मूर्ती प्रवर्तक परमपूज्य कुंदनऋषीजी म. सा.*
परम श्रद्धेय प्रात : स्मरणीय
श्रमण संघीय महाराष्ट्र प्रवर्तक परमपूज्य कुंदनऋषीजी महाराज साहब का जनमदिन..!इस जनमदिन की ढेर सारी शुभकामनाये देते हुए
हमे बहुत हर्ष हो रहा है।
गुरुदेव मुझे याद आती है।आप राष्ट्रसंत आचार्य आनंदऋषीजी भगवंतो के साथ पुराने भिगवन पधारे थे । पुरा गाव, समाज, संघ आनंद से उमड आया था । अपने जीवन में हर कदम पर हम श्रावक ही आध्यात्मिक यात्रा आगे बढाने हेतू कार्यकर्ते रहे । हर मोड पर आपने हमे मार्ग दिखाया। हर डगर पर आपने हमे प्यार से समझाया। और आपका अमूल्य किंमती समय पूरे समाज के लिए ,श्रमण संघ के लिये, आत्म से परमात्मा की यात्रा के लिए बडे शांत भाव से समर्पित किया।
हमे याद आता है पुना सुखसागर नगर मे, औंध मे किये चातुर्मास हमारे श्रावक के लिए,
हमारी आत्मा की यात्रा परमात्मा तक जाने के लिए आपका मार्गदर्शन आपका सहयोग बहुत ही सराहणीय रहा।
किसी भी समस्या मे गुरुदेव हमारी माँ कहती है बेटा रो मत। अध्यापक कहते है शिष्य सोवो मत। तो आप जैसे गुरु कहते है भंते प्रमाद में समय खोओ मत।
ये आपका मार्गदर्शन सबके जीवन को सजग रखने के हेतू महत्त्वपूर्ण रहा है।
आप हमेशा कहते थे ।वो हमे आज भी याद है।आपके मीठे बोल हमेशा हमे कहते है।
मेरे भक्तो, यदि आपके चंद मीठे बोल से किसी का रक्त बढता है तो यह भी एक रक्तदान है।
यदि आपके पीठ थपथपानेसे किसी की थकान दूर हो जाती है तो यह भी एक श्रमदान है।
उसी प्रकार थाली मे उतनाही भोजन लो की व्यर्थ न हो जाए तो यह भी एक अन्नदान है।
ये सिधा साधा आपका ये प्रवचन आज भी हमारे मन पे हवी हो गया है। और हम प्रवचन को हमारे जीवन मे उतार रहे है। आपका आवाज, आपका धीमा मधुर स्वर शांती से कैसा बोलना ये आपने कृती से हमे बताता है। कौसी भी समस्या आये बडे शांती से सामना करो।
आपका हर एक श्रावक श्राविकाओंके साथ का व्यवहार बढाही स्नेहपूर्ण रहा है। आपने आध्यात्मिक क्षेत्र की उंचाई की सीढ़िया चढी है ।लेकिन
सबके साथ आपका सौदाहार्पूर्ण व्यवहार हमे श्रावक को बहुत खूब सिखा देता है।
संस्कार दिवाकर डॉक्टर अलोक ऋषीजी महाराज साहेब और आप दोनो को देखा तो ऐसा लगता है, अध्यात्मिक जगत के आप पिता पुत्र है। बडे ही सेवा भाव से आप श्री की सेवा मे परमपूज्य अलोकऋषीजी महाराज साहब रहते है ।
प्रवर्तक श्री आप श्रमण संघ की शान हो । हमारे अनंत श्रद्धा के धाम हो । धन्य है वो माता पिता तुम्ही जनम देके। शासन के सेवा में समर्पित करने वालो को प्रणाम हो । नमन हो। वंदन हो।
सदा शांत खामोश खडे रहने वाले ये प्रवर्तक श्रीजी मामुली नही है ये फकीरो की हस्ती, उनके पैरो मे कई ताज पडे रहते है। ऐसे ऊर्जामय अस्तित्व को नमन। हम तेजस्वी पुरुषार्थ को नमन करते है। आपके 92 साल के इस साधना को, कर्तुत्व को नमन करते है । यशस्वी आध्यात्मिक यात्रा को नमन करते है। आज हमे माँ बेटी को मै सुरेखा प्रकाशजी कटारिया, बेटी कीर्तनकार डॉक्टर श्वेता निलेशजी राठोड दोनो को आपके जीवन के ऊपर डॉक्युमेंट की फिल्म बनाने का, सांजा करने का मोका मिला आपका दिल से हार्दिक अभिनंदन और आपको जनम दिन की ढेर सारी शुभकामनाये देते है।
प्रा सुरेखा प्रकाशजी कटारिया- राष्ट्रीय महिला उपाध्यक्ष ,श्री ऑल इंडिया जैन कॉन्फरन्स और राष्ट्रीय महिला महामंत्री- ऑल इंडिया कटारिया फाउंडेशन.
संस्थापक अध्यक्ष- स्वानंद महिला संस्था पिंपरी चिंचवड.