क्षमापना वीरस्य भूषण

*ऑल इंडिया कटारीया फाउंडेशन महिला शाखा*

क्षमापना वीरस्य भूषण
दिनांक- २७/८/२०२५
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   *मेरे प्यारे भाई और बहनो मन वचन काया से आपका दिल दुखाया हो तो हम मनःपूर्वक, अंतकरणपूर्वक क्षमा मांगते है* । 
     गुरु भगवान तो ने कहा है
शरीर से प्रेम है तो आसन करे। 
सांस से प्रेम है तो प्राणायाम करे। आत्मा से प्रेम है तो ध्यानयोगी शिवाचार्य जैसा ध्यान करै और परमात्मा से प्रेम है तो भक्ती से समर्पित रहे ! कटारिया भाईपा भक्ती से समर्पित है।  ऑल इंडिया कटारीया फाउंडेशन के अध्यक्ष ललित भैय्या,  भूतपूर्व अध्यक्ष राजेंद्र भैय्या  समस्त कटारिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय विभागीय पदाधिकारी आप सबको संघ,समाजप्रती आपकी आत्मीयता प्रशासनीय है। 
      *ऑल इंडिया कटारिया फाउंडेशन महिला शाखा की ओरसे अनेक उपक्रम मे काम करते वक्त,सेवा देते  समय हमारी ओरसे कुछ गलती हुई हो तो हम क्षमा याचना मागते है*। सेवा देते हुए हमे *बहुत सुंदर अनुभूती आयी।रूप की पहुंच आंखो तक ही होती है।*  
  *हमारे आगम वाणी मे कहा है कर्म करते रहो  कुछ जन हात से छीन लेते है... किस्मत से नही.!!*
     नेकी करते वक्त बदले मे कोई उम्मीद मत करो.! क्योंकि अच्छाई का बदला इंसान नही आपणा सत्कर्म देता  है!!
     धरती पर रहता इंसान दौलत गिनता है, कल कितनी थी आज कितनी बढ गई... उपर बैठा ईश्वर हंसता है और इंसान की सांसे गिनता है... कल कितनी थी आज कितनी कम हो गयी.!
     एक दीपक से हजारो दीपक जल सकते है फिर भी दीपक की रोशनी कम नही होती इसलिये खुशियां  बाटने वाले  सभी  कटारिया फाउंडेशन के पदाधिकारी के महिला शाखा के राष्ट्रीय पदाधिकारी आपको  बहुत बहुत धन्यवाद देते है । 
    हमारे तीर्थंकर वाणी मे कहा है।अभिमान नही होना चाहिए की मुझे किसी की जरूरत नही पडेगी और यह वहम भी नही होना चाहिए की सबको मेरी जरुरत पडेगी.!!
    गुणों के सहारे ही व्यक्ती सफल हो जाता है और अगर विनय और विवेक साथ हो तो  भगवान महावीर जैसा आसमान छू लेता है। 
   ये सब  विवेक पूर्ण करते हुए किसी का दिल दुखाया हो तो हम क्षमा की याचना करते है। 
अपना मन साफ करना बहुत महत्वपूर्ण है ।मन की सफाई घर की सफाई से ज्यादा जरुरी है... क्योंकि घर मे तो मेहमान आते है पर मन मे तो तीर्थंकर वास करते है.!!
     हमारे संस्थापक अध्यक्ष अशोक भाई कटारिया  समय समय पर  महिलाओं को उद्बोधनात्मन  मार्गदर्शन किया उसकी वजह से हमने हमारा आत्मचिंतन किया। हमारे बडे बुजुर्ग के बारे मे अभी के नये जनरेशन के बारे मे समन्वय रखने हेतू मार्गदर्शन हुआ उसी  संस्कार और संस्कृति का जतन करणे हेतू महत्त्वपूर्ण है ।ऐसा लगता है। हमारा भविष्य उज्वल है ।  
     विपत्ती मे धैर्य, वैभव मे दया और संकट में सहनशीलता ही श्रेष्ठ यह मारे कटारीया फाउंडेशन की नीव  है.!!
     समाज मे बदलाव क्यों नही आता,क्यूंकी गरीब मे हिम्मत नही, मध्यमवर्ग को फुर्सत नही और अमीर को जरूरत नही.! इसका चिंतन करके  कटारिया फाउंडेशन मे बडा बेहतर काम चल रहा है। 
     अच्छा काम करने वाला कभी सन्मान का भुखा नही होता उसका कार्य ही उसे सन्मान का पात्र बना देता है.!! ये सन्मान  भरे शब्द  फाउंडेशन के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण आहे अध्यक्ष ललितजी संघवी, प्रभाजी किशोरजी बालोतरा,  संतोषजी घेवरचंदजी कटारिया सभी ट्रस्टीगण एवं सभी युवा शाखा, महिला शाखा और फादर बॉडी को ये सब श्रेय जाता है।  जो सेवा देने का प्रयास किया वो सेवा देते हुए किसी का दिल दुखाया हो तो  

*ऑल इंडिया कटारिया फाउंडेशन महिला शाखा अध्यक्ष आशा कटारिया  स्वाध्याय प्रेमी प्रोफेसर सुरेखा कटारिया,  प्रभाजी बालोतरा एवं सभी राष्ट्रीय महिला शाखा की ओर से एवं  तेहदिल से आपकी क्षमा मागते है।* आप क्षमा करे। 
इन्ही अच्छे-अच्छे विचारौं के साथ आपको आज के  क्षमापण दिन की शुभकामनायें.!!
क्षमा याचना करते है। 
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*आपके अपने बहना*
*सौ.आशा कटारिया-अध्यक्षा*
*प्रो सुरेखा कटारिया-महामंत्री*
*सौ.प्रभाजी बालोतरा राष्ट्रीय सदस्य व समस्त कटारिया फाउंडेशन की महिला शाखा*

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