चिंतन**मोक्षगाम डॉक्टर प्रियदर्शनाची महाराज साहेब

*चिंतन*
*मोक्षगामी आत्मा*

परमपूज्य सेवाभावी डॉक्टर प्रणव दर्शनाजी म.सा., प्रखर वक्ता वाणीभूषण परमपूज्य ईश दर्शनाजी म. साहेब को स्वाध्याय प्रेमी श्राविका प्रा.सुरेखा कटारिया की त्रिवार वंदना l
      आदरणीय परम श्रद्धेय परमस्थविरा जन जन के श्रद्धास्थान महाश्रमणीरत्न डॉक्टर परमपूज्य प्रियदर्शनाजी म.सा. छोटे बाई म.सा. का दीर्घ संथारा बडे ही शांतीपूर्वक संपन्न हुआl जीवनभर पुण्य कर्म करते आए हुए छोटे बाई महाराज साहब एक मात्र आत्मप्राप्ती को ही उपादेय मानके, आत्मप्राप्ती के लक्ष के लिए सदा ही सतर्क रहेl इसमे आप दोनो का बढाही सहयोग रहा, हमे इसकी अनुभूती 2024 का चातुर्मास चिंचवड श्रावक संघ मे हुआl तब बहुत ही नजदीक से हमे आप सबका शास्त्र का गहण अध्ययन शास्त्रोंसे खुद के और श्रावकोके आत्मकल्याण के लिए बताई हुई बाते आज भी हमे आत्म अनुभूती के लिए,  आत्म निर्णय के लिए महत्वपूर्ण रही हैl
      गुरुदेव, छोटे बाई महाराज साहब का 68 दिन तक जागृतपूर्व संथारा पूर्ण हुआ lयह 
विज्ञान के रखे हुए त्रिकाला बाधित सत्य नियमंपर मात करके अपनी कठोर तपस्या से विजयप्राप्त किया l जीवनभर अध्यात्म के मार्ग पर चलकर अपने अंतिम समय मे 68 दिनों की सल्लेखना न केवल एक अंतिम क्षण की प्रतीक्षा थी, वह तो केवल एक जीवित साधना थीl 
छोटे बाई म. सा. का सानिध्य धनकवडी मे चातुर्मास मे मिला जब
जब परमपूज्य बडे बाई म.सा. प्रमोदसुधाजी के जीवनपट मैने और हमारी बेटी कीर्तनकार डॉ. श्वेता राठोड दोनो मा बेटी को उनके त्यागमय जीवनपट पर डॉक्युमेंटरी फिल्म बनाने का अवसर मिलाl तभी सेवाभावी डॉ. प्रणव दर्शनाजी म.सा. वाणीभूषण परमपूज्य ईश दर्शनाजी म.सा. इनका मार्गदर्शन और संथारा वृतधारी परमपूज्य डॉ. प्रियदर्शनाजी म.सा. इनका वरदहस्त होने के कारण ही डॉक्युमेंटरी फिल्म हम बना सकेl गुरुमय्या को मिलने का उनके सहवास मे रहने का मोका हमे बार बार मिला धनकवडी श्रावक संघ बहुत बहुत धन्यवाद l
        उसके बाद 2024 मे चिंचवडगाव श्रावक संघ ने लिया हुआ चातुर्मास उसमे त्रयरत्नों का सानिध्य हमे मिला इसके लिए चिंचवडगाव श्रावक संघ को बहुत बहुत धन्यवादl पुरे डिवोशन से काम करने वाले अध्यक्ष सन्माननीय आदरणीय अशोक जी बागमार सभी ट्रस्टी गन ढेर सारी शुभकामनाये और धन्यवाद 
गुरु मैया के  सहवास मे कीर्तनकार डॉ. श्वेता राठोड को महाराज साहब के मुखार्विंद से आगमन की बहुत सारी जानकारी दि l  हम कभी भी हो चातुर्मास के चार महिने भूल नही सकतेl क्योंकि अपने दिया हुआ ज्ञान समाज प्रबोधन के लिए कीर्तन करणे हेतू इस ग्यान का बहुत महत्वपूर्ण उपयोग हो रहा है l गुरु के वाणी के प्रभाव से हम और हमारे दस साल के पोते चिरंजीव निमाश, क्षितिज कंदमूल त्यागने हेतू, रात्री भोजन त्यागने हेतू नियम लेने लगे l
गुरुदेव यह सब आपकी कृपा हैl हमारी भी आत्मा परमात्मा तक जाने के लिए आपका मार्गदर्शन हमेशा रहाl डॉ. परमपूज्य प्रणव दर्शनाजी म.सा. वाणीभूषण ईश दर्शनाजी म.सा. आपने बाई म.सा को जो सहयोग दिया, आपने जो सेवा की, यह समस्त समाज के लिए साधु ,साध्वी वृंद के लिए एक आदर्श है lआपने किये हुए सेवाओं को हम नमन वंदन करते हैl
आपको अपनी हिम्मत बनाये रखने हेतू हम सभी श्रावकोका आत्मीय सहभाग सदैव रहेगाl कोथरूड श्रावक संघ  के सरलमना शांत स्वभावी अध्यक्ष कांतीलाल जी लोढा एवं सभी ट्रस्टी गन का अभिनंदन करते हैl  बहुत बहुत धन्यवाद lआपने बडे ही  बडे ही शांती से, समर्पण से, सेवाभाव कर के जैन धर्म का सन्मान बढाया हैl 
          संथारा वृत्तधारी दिवंगत आत्मा को महामही महासतीजी को शत शत नमन, आपका स्नेह अपनत्व हमारे लिए चीरस्मरणीय रहेगाl
आपकी अपनी  श्रावक श्राविका
  
प्रा सुरेखा प्रकाशजी कटारिया. 
मा. उपप्राचार्य भारतीय जैन संघटना विद्यालय, पिंपरी. 
राष्ट्रीय महिला उपाध्यक्षा जैन कॉन्फरन्स दिल्ली.

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