सखी सुनंदा

आज हमारी सहेली का जन्मदिन  

आओ हमारे साथ सुनंदा का 
जन्म दिन मनाओ 
खुशिया पाओ  (ताली  ke साथ ) *ये पंक्तिया सब जन साथ मे कहेंगे*

सुनंदा जिसमें सुन याने हिन्दी  की  बहू  औऱ नंदा 
ऐसी बहू जो सबका  आदर्श  हैं . और ऐसी  सुनंदा जो सबका भूषण है. 

*सबका  भूषण है   सबका  भूषण है* (ताली केसाथ)
*सुरेखा, कल्पना*

सास कुसुम जी एवं ससुर शांतीलालजी के मन  को आज भी भाती , जो सबका खाना  दवाईया आदि  का  समय है  संभालती , कभी अपनी परवाह न करती,  बस बड़ों की सेवा ही ईश्वर सेवा है ये सिखलाती .

*बड़ो  की  सेवा  ही  है  ईश्वर की सेवा* ''''(ताली केसाथ)

आओ जन्म दिन मनाओ 
खुशिया पाओ  खुशिया पाओ (ताली  के साथ )
*रुचिरा, सुनीता बोरा*

पति श्री को प्यार देती,  स्नेह से अपनी हर  बात  मनvaती, आज भी  भाऊसा से पूछ के बताओ ये कहती,  सदा तपस्या - सेवा  में तपती , एक  पल  में  घर  तो दूसरे पल स्थानक में दिखती, कभी खेड तो कभी पूना के घर  को संवारती , इतनी पतली काया  है फिर भी  अपना  रौब जमाँती... 

अपना  रौब जमाँती , अपना  रौब जमाँती (ताली  के साथ )
*कविता सुनीता चोरडिया*

सुजीत सुमित दो आखों के तारे , उनके लिए कदम् कभी नहीं थकते! कभी कोटा तो कभी मुंबई तो कभी पूना तो कभी मस्कत,ये सुनंदा हर जगह पहुची .. कमाल की ताकत गुरु कृपा से ही  मिलती...

कमाल की ताकत गुरु कृपा से ही  मिलती...
कमाल की ताकत गुरु कृपा से ही  मिलती... (ताली  ke साथ )




बहु जो घर की बेटी है , प्राची और अनुजा जो बहु से बेटी को जीती है, आज के surprise पार्टी की जो organiser है ,  टेक्नोलॉजी, चॉकलेट, gifting master  प्राची , ड्रॉइंग  art master अनुजा , सासु  माँ की दोनों आखों के तारे,  दोनों पोते ताई के कलेजे के टुकड़े,  अपने बेटों बहु पोते जो  संस्कारों का  करते  जतन,  माँ पिता बड़ो के सीख  का करते है मनन , इसी कारण ताई इतराये और और रहती  टनाटन 
*लता भाभी, प्रभा*
रहती  टनाटन , रहती  टनाटन  (ताली  ke साथ )

अपने मधुर वाणी के झरनों से सब के मन को जितती, व्यवहार मे आगम वाणी को जीती. परिवार को सम्हालते स्वयं की ईच्छा को हसतें हसतें मारती . सफल जीवन के लिए  सबकी खुशी में ही अपनी खुशी है ये सिखलाती...

सबकी खुशी में ही अपनी खुशी है , सबकी खुशी में ही अपनी खुशी है (ताली  ke साथ )
 
आओ जन्म दिन मनाओ 
खुशिया पाओ  खुशिया पाओ (ताली  ke साथ )

*/ये नीचे का  Ruchira बोलेगी /*
मेरी सखी है, मेरी बड़ी बहन है.. 2004 में मुझे मिली,  तब से  जुड़ी,  पर  कभी मेरे  स्वभाव  ke के आगे कुछ नहीं बोली.. मेरी एकड़ गुस्सा सब झेला , मेरा साथ कभी न छोड़ा.. कभी मेरी माँ बन स्नेह  बरसाया,  कभी मेरा remote control  बन मुझे control किया. हम अकेले नहीं जुड़े, परिवार के आज्ञा में पले, Jivan ke har सुख दुख में हम साथ रहे , सब कुछ समझ पाए बिन  कहे .. इसी कारण इस  दोस्ती की मिसाल सब दे रहे.. 

बिना कहे समज पाए,  वही दोस्ती मिसाल रहे.. (ताली के साथ )
आओ जन्म दिन मनाओ 
खुशिया पाओ  खुशिया पाओ (ताली  के साथ )

*जनमदिन की ढेर सारी शुभकामनाये*

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